शब्दकोश
ट्रेडिंग शब्दकोश: शब्दों की आसान व्याख्या
120 ट्रेडिंग शब्द सरल भाषा में, हर एक के साथ ठोस उदाहरण और गहराई से पढ़ने के लिए पाठों के लिंक।
ट्रेडिंग की बुनियादी बातें
- अपेक्षित मूल्य (Expected value, EV)प्रति ट्रेड औसत लाभ या हानि, जो वही ट्रेड बहुत बार दोहराने पर उसकी जीत की संभावना और पेआउट के आधार पर मिलेगी।
- एंट्री प्राइस (Entry price)ट्रेड खुलने के क्षण दर्ज की गई कीमत; ट्रेड जीता या नहीं, यह तय करने के लिए एक्सपायरी की कीमत की तुलना इसी से होती है।
- एक्सपायरी (Expiry)वह क्षण जब फ़िक्स्ड-पेआउट ट्रेड बंद होता है और उस समय की कीमत की एंट्री प्राइस से तुलना करके नतीजा तय होता है।
- क्वोट (Quote)किसी प्राइस स्रोत से इंस्ट्रूमेंट की मौजूदा कीमत; करेंसी पेयर के लिए — पहली मुद्रा की एक इकाई दूसरी मुद्रा में कितने की है।
- गैप (Gap)चार्ट पर ख़ाली जगह जहाँ कीमत बीच की कीमतों पर ट्रेड हुए बिना एक लेवल से दूसरे पर कूद गई।
- ट्रेंड (Trend)चुनी गई अवधि में कीमत की लगातार बनी रहने वाली दिशा — ऊपर, नीचे या साइडवेज़ — जिसे हाई और लो के क्रम से आँका जाता है।
- ट्रेडिंग जर्नल (Trading journal)हर ट्रेड का रिकॉर्ड — सेटअप, कारण, नतीजा और मन की स्थिति — जिससे पता चलता है कि असल में क्या काम करता है और कौन सी गलतियाँ आप दोहराते हैं।
- ट्रेडिंग प्लान (Trading plan)लिखित नियमों का सेट जो तय करता है कि आप क्या और कब ट्रेड करेंगे, एंट्री कैसे लेंगे, कितना जोखिम उठाएँगे और दिन में कब रुकेंगे।
- डेमो खाता (Demo account)वर्चुअल पैसे वाला अभ्यास खाता, जिसमें आप अपना पैसा जोखिम में डाले बिना असली चार्ट पर ट्रेड कर सकते हैं।
- नॉइज़ (Noise)कीमत के छोटे, रैंडम उतार-चढ़ाव जो अगली सार्थक चाल के बारे में कोई उपयोगी जानकारी नहीं देते।
- पुलबैक (Pullback)चल रहे ट्रेंड के उलट एक अस्थायी चाल, जिसके बाद ट्रेंड फिर शुरू होता है — जैसे अपट्रेंड के अंदर एक गिरावट।
- पेआउट (Payout)जीते हुए फ़िक्स्ड-पेआउट ट्रेड का मुनाफ़ा, स्टेक के प्रतिशत के रूप में; Sky Trade पर यह ट्रेड खोलने से पहले दिखता है और ट्रेड के लिए तय रहता है।
- बुलिश (Bullish)बढ़ती कीमतों की उम्मीद या उनका वर्णन; बुलिश बाज़ार, कैंडल या सिग्नल ऊपर की ओर इशारा करता है।
- बेयरिश (Bearish)गिरती कीमतों की उम्मीद या उनका वर्णन; बेयरिश बाज़ार, कैंडल या सिग्नल नीचे की ओर इशारा करता है।
- ब्रेक-ईवन विन रेट (Break-even win rate)किसी दिए गए पेआउट पर नुकसान से बचने के लिए जितने प्रतिशत ट्रेड जीतने ज़रूरी हैं; पेआउट 100% से कम हो तो यह हमेशा 50% से ऊपर होता है।
- मोमेंटम (Momentum)कीमत की चाल की गति और निरंतरता — इस समय कीमत एक दिशा में कितने ज़ोर से धकेल रही है।
- रेंज (साइडवेज़ बाज़ार)वह दौर जब कीमत लगभग क्षैतिज छत और फ़र्श के बीच आगे-पीछे चलती रहती है और किसी भी दिशा में आगे नहीं बढ़ती।
- लिक्विडिटी (Liquidity)किसी एसेट को उसकी कीमत ज़्यादा हिलाए बिना कितनी आसानी से ख़रीदा या बेचा जा सकता है; ऊँची लिक्विडिटी यानी बहुत से भागीदार और कसी हुई कीमतें।
- विन रेट (Win rate)आपके ट्रेडों का वह प्रतिशत जो मुनाफ़े में बंद हुआ; इसका मतलब तभी है जब इसे ब्रेक-ईवन विन रेट के साथ और बहुत सारे ट्रेड पर देखा जाए।
- वीकेंड गैप (Weekend gap)शुक्रवार की क्लोज़िंग प्राइस और नए हफ़्ते की पहली कीमत के बीच की छलांग, जो फ़ॉरेक्स बंद रहने के दौरान जमा हुई ख़बरों और ऑर्डरों से बनती है।
- स्टेक (Stake)वह राशि जो आप एक ट्रेड पर लगाते हैं — और फ़िक्स्ड-पेआउट ट्रेड में यही उस ट्रेड पर आपका अधिकतम नुकसान है।
- OTC (ओवर-द-काउंटर)सामान्य अर्थ में एक्सचेंज के बाहर ट्रेडिंग; Sky Trade पर OTC इंस्ट्रूमेंट की कीमत Sky Trade का सर्वर बनाता है और यह किसी असली बाज़ार का पालन नहीं करती।
फ़ॉरेक्स
- इकोनॉमिक कैलेंडर (Economic calendar)आने वाले आर्थिक आँकड़ों और सेंट्रल बैंक घटनाओं की सूची, पूर्वानुमान और पिछले मानों के साथ, जिससे अस्थिर क्षणों का पहले से अंदाज़ा लगाया जाता है।
- करेंसी पेयर (Currency pair)एक-दूसरे के मुकाबले क्वोट की गई दो मुद्राएँ, जैसे EUR/USD, जो दिखाती हैं कि पहली मुद्रा की एक इकाई दूसरी मुद्रा में कितने की है।
- क्रॉस पेयर (Cross pair)ऐसा करेंसी पेयर जिसमें अमेरिकी डॉलर शामिल नहीं, जैसे EUR/GBP, EUR/JPY या AUD/NZD।
- क्वोट करेंसी (Quote currency)पेयर की दूसरी मुद्रा; पेयर की कीमत इसी की इकाइयों में व्यक्त होती है।
- ट्रेडिंग सेशन (Trading session)24 घंटे के फ़ॉरेक्स दिन का वह हिस्सा जब कोई बड़ा वित्तीय केंद्र — सिडनी, टोक्यो, लंदन या न्यूयॉर्क — खुला और सक्रिय होता है।
- नॉन-फ़ार्म पेरोल्स (Non-Farm Payrolls, NFP)कृषि के बाहर जुड़ी नौकरियों पर मासिक अमेरिकी रिपोर्ट — अमेरिकी डॉलर के लिए बाज़ार को सबसे ज़्यादा हिलाने वाले आँकड़ों में से एक।
- पिप (Pip)फ़ॉरेक्स में कीमत बदलाव की मानक इकाई: ज़्यादातर पेयर के लिए 0.0001 और जापानी येन में क्वोट होने वाले पेयर के लिए 0.01।
- बेस करेंसी (Base currency)पेयर की पहली मुद्रा; क्वोट की गई कीमत बताती है कि इसकी एक इकाई दूसरी मुद्रा में कितने की है।
- ब्याज दर (पॉलिसी रेट)वह दर जो सेंट्रल बैंक उधार की लागत को दिशा देने के लिए तय करता है; देशों की दरों का अंतर विनिमय दरों का एक बड़ा चालक है।
- महंगाई (Inflation)वह दर जिससे सामान्य मूल्य-स्तर बढ़ता है और पैसे की क्रय-शक्ति घटती है; ब्याज दरें तय करते समय सेंट्रल बैंक इस पर क़रीबी नज़र रखते हैं।
- मेजर पेयर (Major pair)सबसे ज़्यादा ट्रेड होने वाले करेंसी पेयर में से एक, जिनमें हर एक अमेरिकी डॉलर को किसी दूसरी बड़ी मुद्रा से जोड़ता है, जैसे EUR/USD या USD/JPY।
- सेंट्रल बैंक (Central bank)वह संस्था जो मुद्रा जारी करती है और ब्याज दरों सहित मौद्रिक नीति तय करती है — जैसे Fed, ECB या बैंक ऑफ़ जापान।
- स्प्रेड (Spread)किसी इंस्ट्रूमेंट की ख़रीद (आस्क) और बिक्री (बिड) कीमत का अंतर; पारंपरिक ट्रेडिंग में यह हर पोज़िशन की अंतर्निहित लागत है।
चार्ट और कीमत
- कैंडलस्टिक (Candlestick)चार्ट का तत्व जो एक अवधि का ओपन, हाई, लो और क्लोज़ दिखाता है — ओपन और क्लोज़ के बीच बॉडी और चरम बिंदुओं तक जाती विक।
- चैनल (Channel)ट्रेंड या रेंज के दौरान कीमत को घेरने वाली दो समानांतर रेखाएँ: एक लो से होकर और एक हाई से होकर।
- टाइमफ़्रेम (Timeframe)वह अवधि जो चार्ट पर हर कैंडल या बार दर्शाता है — जैसे एक मिनट के लिए M1 या एक घंटे के लिए H1।
- टिक वॉल्यूम (Tick volume)किसी अवधि में कीमत बदलावों (टिक) की संख्या, जिसे फ़ॉरेक्स में गतिविधि के मोटे प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि असली ट्रेड वॉल्यूम उपलब्ध नहीं।
- ट्रायंगल (Triangle)कंसॉलिडेशन पैटर्न जिसमें हाई और लो सिकुड़ते आकार में मिलते जाते हैं — असेंडिंग, डिसेंडिंग या सिमेट्रिकल — अक्सर ब्रेकआउट से पहले।
- ट्रू रेंज (True range)हाई−लो, हाई−पिछला क्लोज़ और लो−पिछला क्लोज़ में सबसे बड़ा, जो गैप सहित अवधि की पूरी चाल को पकड़ता है।
- ट्रेंड लाइन (Trend line)अपट्रेंड में लगातार लो से होकर, या डाउनट्रेंड में हाई से होकर खींची गई सीधी रेखा, जो ट्रेंड की दिशा और ढलान दिखाती है।
- डबल टॉप (और डबल बॉटम)रिवर्सल पैटर्न जिसमें कीमत लगभग एक ही हाई पर दो बार विफल होती है, फिर शिखरों के बीच का लो तोड़ती है; डबल बॉटम इसकी दर्पण-छवि है।
- फ़ॉल्स ब्रेकआउट (Fakeout)किसी मुख्य लेवल के पार की चाल जो जल्दी ही वापस अंदर पलट जाती है और ब्रेक पर एंटर हुए ट्रेडरों को फँसा देती है।
- ब्रेकआउट (Breakout)वह चाल जिसमें कीमत सपोर्ट, रेज़िस्टेंस या पैटर्न की सीमा को निर्णायक रूप से पार करके उसी दिशा में आगे बढ़ती है।
- मल्टी-टाइमफ़्रेम विश्लेषण (Multi-timeframe analysis)फ़ैसले से पहले एक इंस्ट्रूमेंट को दो-तीन टाइमफ़्रेम पर पढ़ना — संदर्भ के लिए ऊँचा, टाइमिंग के लिए निचला।
- रीटेस्ट (Retest)कीमत का उस लेवल पर लौटना जिसे उसने अभी तोड़ा है, यह जाँचने के लिए कि पुराना रेज़िस्टेंस अब सपोर्ट का काम करता है या इसका उल्टा।
- रेज़िस्टेंस (Resistance)मौजूदा कीमत के ऊपर का वह क्षेत्र जहाँ तेज़ी बार-बार रुककर नीचे मुड़ी है, जो बताता है कि वहाँ विक्रेता आमतौर पर आते हैं।
- लोअर लो (Lower low, LL)पिछले स्विंग लो से नीचे बना स्विंग लो; लोअर हाई के साथ मिलकर यह डाउनट्रेंड को परिभाषित करता है।
- विक (शैडो)कैंडल की बॉडी के ऊपर या नीचे की पतली रेखा, जो अवधि के दौरान पहुँची सबसे ऊँची और सबसे नीची कीमत दिखाती है।
- वॉल्यूम (Volume)किसी अवधि में ट्रेड हुई एसेट की मात्रा; एक्सचेंजों पर भागीदारी का पैमाना, लेकिन Sky Trade पर उपलब्ध नहीं, जिसके फ़ीड में सिर्फ़ कीमतें हैं।
- वोलैटिलिटी (Volatility)किसी अवधि में इंस्ट्रूमेंट की कीमत कितनी और कितनी तेज़ी से चलती है; ऊँची वोलैटिलिटी यानी दोनों दिशाओं में बड़े, तेज़ उतार-चढ़ाव।
- सपोर्ट (Support)मौजूदा कीमत के नीचे का वह क्षेत्र जहाँ गिरावट बार-बार रुककर उछली है, जो बताता है कि वहाँ ख़रीदार आमतौर पर आते हैं।
- स्टैंडर्ड डेविएशन (मानक विचलन)सांख्यिकीय माप कि मान अपने औसत के आसपास कितने फैले हैं; ट्रेडिंग में कीमत की वोलैटिलिटी का एक आम पैमाना।
- हायर हाई (Higher high, HH)पिछले स्विंग हाई से ऊपर बना स्विंग हाई; हायर लो के साथ मिलकर यह अपट्रेंड को परिभाषित करता है।
- हेड एंड शोल्डर्स (Head and shoulders)तीन शिखरों वाला रिवर्सल पैटर्न — दो निचले शिखरों के बीच एक ऊँचा — जो गर्तों को जोड़ने वाली नेकलाइन टूटने पर पूरा होता है।
- OHLC (ओपन, हाई, लो, क्लोज़)ट्रेडिंग अवधि का सार बताने वाली चार कीमतें — ओपन, हाई, लो और क्लोज़ — जिनसे कैंडलस्टिक और बार चार्ट बनते हैं।
इंडिकेटर
- इचिमोकू किंको ह्यो (Ichimoku)जापानी ऑल-इन-वन इंडिकेटर जिसकी पाँच रेखाएँ — Tenkan, Kijun, बादल बनाने वाले दो Senkou span, और Chikou — ट्रेंड, मोमेंटम और लेवल दिखाती हैं।
- ऑसिलेटर (Oscillator)ऐसा इंडिकेटर जो किसी पट्टी के भीतर या केंद्र रेखा के आसपास आगे-पीछे चलता है, जिससे मोमेंटम आँका जाता है और चरम पहचाने जाते हैं।
- ओवरबॉट और ओवरसोल्ड (Overbought / Oversold)इंडिकेटर की रीडिंग जो बताती हैं कि कीमत अपने हाल के इतिहास के मुकाबले असामान्य रूप से दूर और तेज़ी से बढ़ी (ओवरबॉट) या गिरी (ओवरसोल्ड) है।
- कुमो (इचिमोकू बादल)इचिमोकू में Senkou Span A और B के बीच का छायांकित क्षेत्र, 26 अवधि आगे खिसकाया गया, जो ट्रेंड फ़िल्टर और सपोर्ट/रेज़िस्टेंस ज़ोन के रूप में इस्तेमाल होता है।
- कॉन्फ़्लुएंस (Confluence)कई स्वतंत्र सबूत जो एक ही कीमत-क्षेत्र या दिशा की ओर इशारा करते हैं, जिनसे ट्रेड आइडिया छाँटे जाते हैं।
- क्रॉसओवर (Crossover)वह क्षण जब एक रेखा दूसरी को पार करती है — जैसे तेज़ मूविंग एवरेज धीमे को, या MACD अपनी सिग्नल लाइन को — जिसे सिग्नल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
- ट्रेंड की ताक़त (Trend strength)ट्रेंड कितना ज़ोरदार और टिकाऊ है, जिसे ADX जैसे इंडिकेटर, मूविंग एवरेज की ढलान और कीमत-संरचना की गुणवत्ता से आँका जाता है।
- ट्रेलिंग स्टॉप (Trailing stop)ऐसा निकास-लेवल जो ट्रेड के आपके पक्ष में जाने पर कीमत के पीछे चलता है, लाभ का हिस्सा सुरक्षित करता है, और कीमत मुड़ने पर अपनी जगह रहता है।
- डाइवर्जेंस (Divergence)कीमत और ऑसिलेटर के बीच असहमति — जैसे कीमत में हायर हाई जबकि RSI में लोअर हाई — जो संकेत देती है कि मोमेंटम कमज़ोर पड़ रहा है।
- पैराबोलिक SAR (Parabolic SAR)ट्रेंड-फ़ॉलोइंग इंडिकेटर जो अपट्रेंड में कीमत के नीचे और डाउनट्रेंड में ऊपर बिंदु प्लॉट करता है, और कीमत के छूने पर पक्ष बदल लेता है।
- फ़िबोनाची रिट्रेसमेंट (Fibonacci retracement)ड्रॉइंग टूल जो कीमत के स्विंग के 23.6%, 38.2%, 50%, 61.8% और 78.6% चिह्नित करता है, यह अनुमान लगाने के लिए कि पुलबैक कहाँ रुक सकते हैं।
- बोलिंजर बैंड (Bollinger Bands)वोलैटिलिटी का आवरण: 20-अवधि का मूविंग एवरेज और उससे दो स्टैंडर्ड डेविएशन ऊपर-नीचे बैंड, जो वोलैटिलिटी के साथ फैलते-सिकुड़ते हैं।
- मीन रिवर्ज़न (Mean reversion)कीमत की औसत से दूर खिंचने के बाद उसकी ओर लौटने की प्रवृत्ति — और इसी विचार पर बना ट्रेडिंग तरीका।
- लीडिंग इंडिकेटर (Leading indicator)ऐसा इंडिकेटर जो संभावित चाल होने से पहले संकेत देने के लिए बना है, आमतौर पर मोमेंटम या चरम मापकर — जैसे RSI या Stochastic।
- लैगिंग इंडिकेटर (Lagging indicator)ऐसा इंडिकेटर जो कीमत की चाल शुरू होने के बाद उसकी पुष्टि करता है, क्योंकि यह पिछली कीमतों से बना है — जैसे मूविंग एवरेज और MACD।
- स्क्वीज़ (बोलिंजर स्क्वीज़)असामान्य रूप से कम वोलैटिलिटी का दौर जब बोलिंजर बैंड तेज़ी से संकरे होते हैं, जिसके बाद अक्सर बड़ी चाल आती है — पर दिशा यह नहीं बताता।
- स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर (Stochastic)मोमेंटम ऑसिलेटर (0–100) जो दिखाता है कि क्लोज़ हाल की हाई-लो रेंज में कहाँ है, %K लाइन और स्मूद की गई %D लाइन के साथ।
- हिस्टोग्राम (इंडिकेटर)ज़ीरो लाइन के आसपास इंडिकेटर के मान का बार-प्रदर्शन; MACD में यह MACD लाइन और उसकी सिग्नल लाइन के बीच का अंतर दिखाता है।
- ADX (एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स)0 से 100 तक का इंडिकेटर जो ट्रेंड की ताक़त मापता है, उसकी दिशा चाहे जो हो; लगभग 25 से ऊपर की रीडिंग ट्रेंड वाली स्थिति का संकेत देती हैं।
- ATR (एवरेज ट्रू रेंज)वोलैटिलिटी इंडिकेटर जो हर अवधि की ट्रू रेंज के आधार पर हाल की कीमत-चाल का औसत आकार दिखाता है; यह दिशा को नज़रअंदाज़ करता है।
- CCI (कमोडिटी चैनल इंडेक्स)ऑसिलेटर जो मापता है कि टिपिकल प्राइस अपने औसत से कितनी दूर है, माध्य विचलन की इकाइयों में; ±100 असामान्य रूप से मज़बूत विचलन चिह्नित करता है।
- EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज)ऐसा मूविंग एवरेज जो हाल की कीमतों को ज़्यादा वज़न देता है, इसलिए नई चालों पर सिंपल मूविंग एवरेज से तेज़ प्रतिक्रिया देता है।
- MACD (मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस)दो EMA (आमतौर पर 12 और 26) के अंतर से बना ट्रेंड-मोमेंटम इंडिकेटर, 9-अवधि की सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम के साथ।
- RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स)0 से 100 तक का मोमेंटम ऑसिलेटर जो हाल के लाभ के आकार की तुलना हाल के नुकसान से करता है; 70 से ऊपर और 30 से नीचे की रीडिंग पर व्यापक नज़र रहती है।
- SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)तय संख्या की अवधियों का औसत क्लोज़िंग प्राइस, हर एक का बराबर वज़न, जो कीमत को स्मूद करने और उसकी दिशा दिखाने के लिए इस्तेमाल होता है।
कैंडलस्टिक पैटर्न
- अनिर्णय (कैंडलस्टिक)बाज़ार की वह स्थिति जिसमें न ख़रीदार और न विक्रेता नियंत्रण पाते हैं, जो डोजी और स्पिनिंग टॉप जैसी छोटी बॉडी वाली कैंडलों से दिखती है।
- इनवर्टेड हैमर (Inverted hammer)गिरावट के बाद संभावित बुलिश रिवर्सल कैंडल: लो के पास छोटी बॉडी और लंबी ऊपरी विक; इसे पुष्टि चाहिए।
- इनसाइड बार (Inside bar)ऐसी कैंडल जिसकी पूरी रेंज — हाई और लो — पिछली कैंडल की रेंज के भीतर हो, जो विराम या कंसॉलिडेशन का संकेत है।
- ईवनिंग स्टार (Evening star)तीन कैंडलों का बेयरिश रिवर्सल पैटर्न: लंबी बुलिश कैंडल, छोटी बॉडी वाली कैंडल, फिर मज़बूत बेयरिश कैंडल जो पहली के गहरे अंदर तक बंद होती है।
- एंगल्फ़िंग पैटर्न (Engulfing pattern)दो कैंडलों का रिवर्सल पैटर्न जिसमें दूसरी कैंडल की बॉडी उल्टी दिशा में पहली कैंडल की बॉडी को पूरी तरह ढक लेती है।
- ट्वीज़र टॉप और बॉटम (Tweezer)दो या ज़्यादा कैंडलें जिनके हाई (ट्वीज़र टॉप) या लो (ट्वीज़र बॉटम) मेल खाते हैं, जो लगातार दो बार अस्वीकार हुआ लेवल दिखाते हैं।
- डार्क क्लाउड कवर (Dark cloud cover)दो कैंडलों का बेयरिश रिवर्सल पैटर्न: लंबी बुलिश कैंडल, फिर बेयरिश कैंडल जो ऊपर खुलकर पहली बॉडी के मध्य-बिंदु के नीचे बंद होती है।
- डोजी (Doji)ऐसी कैंडल जिसका ओपन और क्लोज़ लगभग बराबर हो, जिससे बहुत छोटी बॉडी बचती है — उस अवधि में संतुलन या अनिर्णय का संकेत।
- थ्री ब्लैक क्रोज़ (Three black crows)लगातार तीन लंबी बेयरिश कैंडलें, हर एक पिछली बॉडी के भीतर खुलकर अपने लो के पास बंद — मज़बूत बिकवाली की तस्वीर।
- थ्री व्हाइट सोल्जर्स (Three white soldiers)लगातार तीन लंबी बुलिश कैंडलें, हर एक पिछली बॉडी के भीतर खुलकर अपने हाई के पास बंद — मज़बूत ख़रीदारी की तस्वीर।
- पियर्सिंग लाइन (Piercing line)दो कैंडलों का बुलिश रिवर्सल पैटर्न: लंबी बेयरिश कैंडल, फिर बुलिश कैंडल जो नीचे खुलकर पहली बॉडी के मध्य-बिंदु के ऊपर बंद होती है।
- मारुबोज़ू (Marubozu)लंबी बॉडी और बिना या लगभग बिना विक वाली कैंडल: कीमत एक चरम पर खुली और दूसरे पर बंद हुई, जो एकतरफ़ा नियंत्रण दिखाती है।
- मॉर्निंग स्टार (Morning star)तीन कैंडलों का बुलिश रिवर्सल पैटर्न: लंबी बेयरिश कैंडल, छोटी बॉडी वाली कैंडल, फिर मज़बूत बुलिश कैंडल जो पहली के काफ़ी अंदर तक बंद होती है।
- रिवर्सल पैटर्न (Reversal pattern)चार्ट या कैंडलस्टिक की आकृति जो संकेत देती है कि ट्रेंड ख़त्म होकर मुड़ सकता है, जैसे हैमर, एंगल्फ़िंग या डबल टॉप।
- शूटिंग स्टार (Shooting star)बढ़त के बाद बेयरिश रिवर्सल कैंडल: लो के पास छोटी बॉडी और लंबी ऊपरी विक, जो अस्वीकार हुई तेज़ी दिखाती है।
- स्पिनिंग टॉप (Spinning top)ऊपरी और निचली लगभग बराबर लंबाई की विक के बीच केंद्र में छोटी बॉडी वाली कैंडल, जो लगभग बराबरी पर ख़त्म हुई रस्साकशी दिखाती है।
- हरामी (Harami)दो कैंडलों का पैटर्न जिसमें छोटी बॉडी पिछली कैंडल की बड़ी बॉडी के अंदर बैठती है, जो संकेत देता है कि पिछली चाल की ताक़त घट रही है।
- हैंगिंग मैन (Hanging man)अपट्रेंड के शीर्ष पर बेयरिश चेतावनी कैंडल, हैमर जैसे आकार की: हाई के पास छोटी बॉडी और लंबी निचली विक।
- हैमर (Hammer)गिरावट के बाद बुलिश रिवर्सल कैंडल: हाई के पास छोटी बॉडी और बॉडी से कम से कम दोगुनी लंबी निचली विक।
जोखिम प्रबंधन
- इक्विटी कर्व (Equity curve)समय के साथ या ट्रेड-दर-ट्रेड आपके खाते के बैलेंस का चार्ट, जो सिर्फ़ नतीजा नहीं, बल्कि उस तक पहुँचने का रास्ता कितना ऊबड़-खाबड़ था, यह भी दिखाता है।
- ड्रॉडाउन (Drawdown)आपके बैलेंस की उसके सबसे ऊँचे बिंदु से बाद के निचले बिंदु तक की गिरावट, आमतौर पर उस शिखर के प्रतिशत के रूप में।
- पोज़िशन साइज़िंग (Position sizing)हर ट्रेड पर कितना स्टेक लगाना है, यह तय करना — आमतौर पर बैलेंस का छोटा तय प्रतिशत — ताकि हार की लड़ी आपको पूरी तरह ख़त्म न कर सके।
- मार्टिंगेल (Martingale)दांव की प्रणाली जो हर हार के बाद स्टेक बढ़ाती है ताकि एक जीत से सब वापस आ जाए; यह अपेक्षित मूल्य सुधारे बिना जोखिम कई गुना कर देती है।
- रिस्क ऑफ़ रुइन (Risk of ruin)खाते का इतना हिस्सा गँवा देने की संभावना कि आप आगे ट्रेड न कर सकें; यह स्टेक के आकार, विन रेट और पेआउट से तय होती है।
- रिस्क मैनेजमेंट (Risk management)नियमों का सेट जो सीमित करता है कि आप कितना गँवा सकते हैं — प्रति ट्रेड, प्रति दिन और कुल — ताकि गलतियाँ और बदक़िस्मती झेलने लायक रहें।
मनोविज्ञान
- अनुशासन (ट्रेडिंग)अपने ही नियमों — सेटअप, स्टेक, सीमाएँ — का लगातार पालन करने की आदत, तब भी जब भावनाएँ दूसरी ओर धकेलें।
- ओवरट्रेडिंग (Overtrading)आपके प्लान के हिसाब से उचित से कहीं ज़्यादा ट्रेड लेना — ऊब, उत्तेजना या उबरने की ललक में — जो ट्रेडिंग की अंतर्निहित लागत को कई गुना कर देता है।
- टिल्ट (Tilt)भावनात्मक स्थिति जिसमें झुँझलाहट या उत्तेजना आपके विवेक पर हावी हो जाती है, इसलिए आप पूरी तरह ध्यान दिए बिना खराब ट्रेड करते हैं।
- रिवेंज ट्रेडिंग (Revenge trading)नुकसान के ठीक बाद पैसा जल्दी वापस जीतने के लिए आवेग में, अक्सर बड़े ट्रेड खोलना — एक आदत जो आमतौर पर नुकसान को और गहरा करती है।
- FOMO (कुछ छूट जाने का डर)किसी चाल में कूद पड़ने की बेचैन ललक क्योंकि वह आपके बिना हो रही लगती है, जो अक्सर देर से, बिना योजना की एंट्री की ओर ले जाती है।
क्रिप्टो और भुगतान
- ब्लॉकचेन नेटवर्क (Blockchain network)वह विशिष्ट चेन जिस पर क्रिप्टो ट्रांसफ़र जाता है, जैसे TRC-20 (Tron), BEP-20 (BNB Chain) या ERC-20 (Ethereum); भेजने और पाने वाले का नेटवर्क मेल खाना चाहिए।
- मेमो / डेस्टिनेशन टैग (Memo / tag)एक अतिरिक्त पहचानकर्ता जो XRP और XLM जैसे कुछ कॉइन को पते के साथ चाहिए, ताकि पाने वाली सेवा जमा को आपके नाम कर सके।
- वेजरिंग आवश्यकता (Wagering requirement)बोनस को निकालने लायक बनाने से पहले पूरा करना ज़रूरी ट्रेडिंग वॉल्यूम — आमतौर पर बोनस राशि गुणा एक गुणक, जैसे ×30।
- वॉलेट एड्रेस (Wallet address)अक्षरों की वह स्ट्रिंग जो बताती है कि किसी ख़ास ब्लॉकचेन नेटवर्क पर क्रिप्टो कहाँ भेजना है — उस नेटवर्क के लिए खाता संख्या जैसी।
- स्टेबलकॉइन (Stablecoin)स्थिर मूल्य बनाए रखने के लिए बनी क्रिप्टोकरेंसी, आमतौर पर एक अमेरिकी डॉलर — USDT और USDC सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हैं।
- KYC (नो योर कस्टमर)पहचान सत्यापन — पहचान दस्तावेज़, सेल्फ़ी, कभी-कभी पते का सबूत — जिससे वित्तीय सेवाएँ पुष्टि करती हैं कि उनके ग्राहक कौन हैं।
- P2P (पीयर-टू-पीयर) ट्रेडिंगएक्सचेंज के मार्केटप्लेस के ज़रिए सीधे दूसरे व्यक्ति से क्रिप्टो ख़रीदना या बेचना, अक्सर स्थानीय बैंक ट्रांसफ़र से भुगतान करके।
- USDT (Tether)Tether द्वारा जारी स्टेबलकॉइन जिसका लक्ष्य एक अमेरिकी डॉलर का मूल्य बनाए रखना है; क्रिप्टो से खाते में पैसा डालने के लिए इसका व्यापक उपयोग होता है।
पहले अभ्यास, फिर फ़ैसला
हर Sky Trade खाते के साथ $10,000 का डेमो बैलेंस मिलता है, जिसमें कीमतें और पेआउट रियल खाते जैसे ही होते हैं। खाता बनाएँ या पढ़ें कि डेमो कैसे काम करता है।