पियर्सिंग लाइन (Piercing line)
दो कैंडलों का बुलिश रिवर्सल पैटर्न: लंबी बेयरिश कैंडल, फिर बुलिश कैंडल जो नीचे खुलकर पहली बॉडी के मध्य-बिंदु के ऊपर बंद होती है।
पियर्सिंग लाइन गिरावट के बाद बनती है। पहली कैंडल लंबी बेयरिश होती है। दूसरी पहली कैंडल के क्लोज़ के नीचे खुलती है — क्लासिक रूप में गैप के साथ — फिर चढ़कर पहली बॉडी के मध्य-बिंदु के ऊपर बंद होती है, लेकिन उसके ओपन के ऊपर नहीं। अगर यह ओपन के ऊपर बंद होती, तो पैटर्न इसके बजाय बुलिश एंगल्फ़िंग होता।
विचार यह है कि दूसरी कैंडल का ओपन और बिकवाली जैसा दिखता है, जबकि उसका मज़बूत क्लोज़ दिखाता है कि ख़रीदारों ने पिछली कैंडल के नुकसान का आधे से ज़्यादा हिस्सा वापस ले लिया।
चौबीसों घंटे चलने वाले फ़ॉरेक्स में दूसरी कैंडल आमतौर पर ठीक वहीं खुलती है जहाँ पहली बंद हुई, इसलिए गैप शायद ही होता है। कई ट्रेडर ढीला रूप स्वीकार करते हैं जिसमें दूसरी कैंडल बस पहली बॉडी के गहरे अंदर बंद होती है। वह ढीला रूप ज़्यादा आम है और, इसी कारण, कम ख़ास।
क्या जाँचें: पहले की असली गिरावट, सपोर्ट पर स्थान और अगली कैंडल से पुष्टि। बढ़त के शीर्ष पर इसका बेयरिश समकक्ष डार्क क्लाउड कवर है। देखें पियर्सिंग लाइन और डार्क क्लाउड कवर।
M15 पर AUD/USD: 0.6680 से 0.6650 तक बेयरिश कैंडल (मध्य-बिंदु 0.6665), फिर 0.6648 से 0.6669 तक बुलिश कैंडल। यह मध्य-बिंदु के ऊपर लेकिन 0.6680 के नीचे बंद होती है, जो इसे पियर्सिंग लाइन बनाता है।